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عرض المشاركات من يونيو, ٢٠٢٠

प्रतापगढ़ की कहानी Hindi Stories For Kids

प्रतापगढ़ की कहानी Hindi Stories For Kids एक बार की बात है, प्रतापगढ़ नामक राज्य बहुत दु:खों से गुजर रहा था। वहाँ के महाराजा विक्रम सिंह ने अपने भोग और विलास की पूर्ति के लिए जनता पर कई कर लगाये थे जिस कारण वहाँ की जनता उससे बहुत परेशान थी और उससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहती थी। प्रतागढ़ की कहानी महाराजा विक्रम सिंह एक विस्तृत राज्य का राजा था और उसकी  सैन्य शक्ति भी बहुत प्रबल थी। प्रतापगढ़ की प्रतापी और अजेय सेना ने कई युद्ध जीते थे। अतः कोई भी पड़ोसी राज्य का राजा प्रतापगढ़ पर हमला करने के विचार से ही भयभीत हो जाता था।  किसी भी अन्य राज्य का राजा प्रतापगढ़ की ओर आँख उठा कर भी नहीं देखता था। विक्रम सिंह इतना निर्दयी और क्रूर था कि अगर कोई उसके राज्य में उसके विरुद्ध आवाज़ उठाता या उसके आदेश का पालन नहीं करता  तो वह उसे जंगली शेरों के बाड़े में डाल देता था। यहाँ तक कि उसने खुद के चाचा और अपने बड़े भाई को भी नही छोड़ा उनकी मामूली गलती पर उनको मृत्युदंड दे दिया था, अब उसके कुल में उसके अलावा कोई और शेष नहीं था। उसके अहंकारी और क्रोधी स्वभाव के कारण किसी भी राजकुमार

Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem

Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसे अभिनेता जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर सीरियलों के साथ साथ फिल्मों से भी अपने फैंस को खुश किया और हमेशा उनके आइडियल बने रहे। फिर चाहे वो प्रसिद्ध सीरियल पवित्र रिश्ता हो या फिर दिल को छू लेने वाली फिल्म छिछोरे उन्होंने हर कैरेक्टर में जान डाल दी और इंडियन फैंस के पसंदीदा अभिनेता बने रहे। दोस्तों सुशांत ने एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी, छिछोरे , केदारनाथ, राब्ता और कई फिल्मों में काम किया लेकिन इंडस्ट्री के जाने माने डायरेक्टरों ने उन्हें कभी प्रोत्साहन ही नहीं दिया जिस वजह से  सुशांत आज हमारे बीच नहीं हैं। सुशांत जी को श्रद्धांजलि देने के लिए यह कविता लिख रहा हूं उम्मीद करता हूं आपको पसंद आएगी Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem आंखों में ख्वाब और दिल में अरमान लिए चला था , छोटा सा पंछी छूने आसमान चला था  दिल में चाह थी , पर मुश्किल राह थी  मेहनत तो थी पर जमाने का सितम ज्यादा था , पर रुकना नहीं है ये पक्का इरादा था l   ढूंढने

Akbar Birbal Stories in Hindi अकबर बीरबल की कहानी

अकबर बीरबल की कहानियां बादशाह अकबर के दरबार में एक बार एक आदमी दूसरे शहर से आया वह एक पंडित था और बुद्धिमान भी। बादशाह अकबर ने उसका स्वागत किया और उसके आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह अकबर के दरबार में उपस्थित सभी बुद्धिमान लोगों को चुनौती देना चाहता है। image by - adobe अकबर खुश हुआ क्योंकि उसे अपने दरबारियों की परीक्षा लेना अच्छा लगता था ,इसलिए अकबर ने उसे अनुमति दे दी। दरबारी थोड़ा डर गए क्योंकि सबसे बुद्धिमान व्यक्ति यानी बीरबल अभी तक दरबार में नहीं आए थे। फिर भी बादशाह की शान रखने के लिए उन्होंने चुनौती स्वीकार कर ली। उस पंडित ने कहा मैं आप सबसे कुछ प्रश्न पूछूंगा और जो व्यक्ति सारे प्रश्नों के उत्तर दे देगा वही सबसे बुद्धिमान माना जाएगा। दरबारी उत्साहित थे और डरे हुए भी थे। पंडित ने पहला प्रश्न पूछा - सबसे तेज गति किसकी होती है? दरबारियों ने उत्तर दिया - मन की गति। अकबर खुश हुआ और दरबारियों को लगा कि यह सारे प्रश्न इसी प्रकार के पूछेगा जिनके उत्तर उन्हें पता हैं। पंडित ने दूसरा प्रश्न पूछा - वह कौन है जो अंधेरे में साथ छोड़ देता है ? प्रश्न थोड़ा

Mortal Story In Hindi For Class 5

Moral Story In Hindi For Class 5 एक बार की बात है। सीतापुर नाम का एक गाँव जो कि यमुना नदी के किनारे बसा था। इसी गाँव से अलग नदी के किनारे सुरेश नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी रमा और अपने दो पुत्रों के साथ रहता था। वह एक दलित परिवार था इसलिये उसे धन प्राप्त करने के लिए गाँव के धनी साहुकारो के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती थी।वह दिन भर काम करता और तब जाकर शाम को अपने परिवार के भोजन को जुटा पाता था। Moral story in hindi for class 5 अब बरसात का समय आ चुका था, यमुना नदी का पानी उफान पर था। चारों ओर बाढ़ की हालात पैदा हो रहे थे।  एक दिन अचानक यमुना नदी का पानी किनारे में घुस गया और सुरेश की कुटिया को बहा ले गया,लेकिन अच्छी बात यह थी कि सुरेश या उसके परिवार वालों में से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।  साथ सी साथ एक समस्या भी आ गई थी सुरेश का परिवार बेघर हो गया उनके पास खाने के नाम पर अनाज का दाना तक नहीं था।  सुरेश और उसकी पत्नी रमा अपने बच्चों के साथ नदी के किनारे बैठते हुए अपनी परेशानियों से निजात पाने के बारे में सोच रहे थे। सुरेश ने सुझाव दिया कि वह गाँव के साहूकारों से उनक

Dilip Joshi Jethalal Biography In Hindi

Dilip Joshi's (jethalal) Biography In Hindi दिलीप जोशी ( जेठालाल) की जीवनी तारक मेहता का उल्टा चश्मा,एक ऐसा शो जिसने पूरा भारत को 12 वर्षों से एक धागे में पिरो के रखा है यानी एक ऐसा शो जिसे पूरे देश के हर घर में देखा जाता है। दोस्तों यह शो उस समय आया था जब टेलीविजन पर (छोटे पर्दे पर) कॉमेडी के नाम पर ना के बराबर कुछ हो पाता था। उस समय तक मुख्यत: बॉलीवुड की फिल्मों तक ही कॉमेडी सीमित थी अथवा कॉमेडी यदि छोटे पर्दे पर होती भी तो वह उतनी मजेदार न थी। Dilop Joshi's Biography In Hindi ऐसे समय में असित कुमार मोदी जी ने "तारक मेहता का उल्टा चश्मा" को बनाने का निश्चय किया और देखते ही देखते यह शो इतना पॉपुलर हो गया कि यह देश का number 1 शो बन गया। इस शो के इतना प्रसिद्ध होने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका निभाई जेठालाल गड़ा यानी दिलीप जोशी जी ने । इनके कमाल के अभिनय के दम पर ही यह शो इतना पॉपुलर हुआ। आज हम इन्हीं के बारे में बात करेंगे । जन्म - 1968 पढ़ाई - बी कॉम पॉपुलर शो - तारक मेहता का उल्टा चश्मा पत्नी - जयमाला जोशी पुत्र/पुत्री - नियति जोशी (पुत्री