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Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem

Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem



सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसे अभिनेता जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर सीरियलों के साथ साथ फिल्मों से भी अपने फैंस को खुश किया और हमेशा उनके आइडियल बने रहे। फिर चाहे वो प्रसिद्ध सीरियल पवित्र रिश्ता हो या फिर दिल को छू लेने वाली फिल्म छिछोरे
उन्होंने हर कैरेक्टर में जान डाल दी और इंडियन फैंस के पसंदीदा अभिनेता बने रहे।
दोस्तों सुशांत ने एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी, छिछोरे , केदारनाथ, राब्ता और कई फिल्मों में काम किया लेकिन इंडस्ट्री के जाने माने डायरेक्टरों ने उन्हें कभी प्रोत्साहन ही नहीं दिया जिस वजह से  सुशांत आज हमारे बीच नहीं हैं।
सुशांत जी को श्रद्धांजलि देने के लिए यह कविता लिख रहा हूं उम्मीद करता हूं आपको पसंद आएगी

Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem
Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem
Tribute to Sushant Singh Rajput - Hindi Poem


आंखों में ख्वाब और दिल में अरमान लिए चला था ,
छोटा सा पंछी छूने आसमान चला था 

दिल में चाह थी ,
पर मुश्किल राह थी 
मेहनत तो थी पर जमाने का सितम ज्यादा था ,
पर रुकना नहीं है ये पक्का इरादा था l

 ढूंढने पर तो खुदा भी मिल जाता है,
इरादों से तो पर्वत झुक जाता है ,
तो क्या हुआ अभी समय मुश्किल है ,
बुरा वक्त भी एक दिन गुजर जाता है

एक दिन उस राही के लिए भी खुशियों का पैगाम लाया,
पैसा शोहरत और बेहिसाब नाम लाया l
दोस्तों का दोस्त और गरीबों के लिए फरिश्ता था ,
उस राही का लोगो से अब पवित्र रिश्ता था l
हंसता हुआ चेहरा जो अब तक अनजान था ,
देश की जनता की अब बन चुका वो जान था l
अपने खुद के दम पर उसने अपना सिक्का जमा लिया था,
कुछ ही सालों में लोगों से ऐसा राब्ता बना लिया था ।

किरदार तो कई निभाते हैं 
और आगे भी कई निभाएंगे
पर किरदार जो उसने निभाया 
वैसा ना निभा पाएंगे ll

 पैसा था शोहरत थी ,
और चाहने वालों का रेला था l
पर ना जाने क्यों इस भीड़ में भी, 
 वो राही अकेला था l
मां का वो लाडला था ,
पर उसका भी अब साथ न था l
तन्हाई के इस आलम में ,
सर पर किसी का हाथ ना था l
लोगों का चहेता और हंसता वो इंसान था ,
 न जाने किस बात से लेकिन वो परेशान था l

 ख्वाहिशों को अपनी यूं ही छोड़ कर चला गया ,
 चुपचाप इस दुनिया से मुंह मोड़ कर चला गया l
पर चले जाने पर उसके उसके ये सवाल दिल में आता है
जैसे तुम चले गए क्या वैसे कोई जाता है ?😓
जैसे तुम चले गए क्या वैसे कोई जाता है ?😓😓







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