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Showing posts from August, 2020

राहत इंदौरी जीवनी Dr. Rahat Indori Biography In Hindi

Dr. Rahat Indori Biography In Hindi राहत इंदौरी की जीवनी "बुलाती है मगर जाने का नहीं " यह पंक्ति इतनी प्रसिद्ध हुई कि फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड करने लगी ।यह पंक्ति जिनके मस्तिष्क की रचना थी वह थे डॉ राहत इंदौरी साहब। राहत इंदौरी एक भारतीय बॉलीवुड गीतकार और उर्दू कवि थे। वह उर्दू भाषा के पूर्व प्रोफेसर और चित्रकार भी थे। इसके पहले वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में उर्दू साहित्य के अध्येता(शोध छात्र) थे। डॉ. राहत इंदौरी का संक्षिप्त जीवन परिचय   जन्म - 1 जनवरी 1950   बचपन का नाम - राहत कुरैशी   पिता का नाम - रफतुल्लाह कुरैैशी   माता का नाम - मकबूल उन निसा बेगम   शिक्षा- बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में एमए तथा उर्दू में पी एच डी   निधन - 11 अगस्त 2020 डॉ राहत इंदौरी के प्रसिद्ध गीत:- राहत कुरैशी, जिसे बाद में राहत इंदौरी के नाम से जाना जाता है, का जन्म 1 जनवरी 1950 को इंदौर में रफतुल्लाह कुरैैशी और उनकी पत्नी मकबूल उन निसा बेगम के घर हुआ था। राहत साहब अपने माता पिता की चौथी संतान थे। इंदौरी जी ने अपनी स्कूली शिक्षा

शेखर और बिनोद की कहानी Hindi Moral Story

         शेखर और बिनोद की कहानी Hindi Moral story शेखर और बिनोद की कहानी Hindi Moral Story नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का kahanistation पर और आज हम आपके लिए लेकर आए हैं दो दोस्तों की कहानी जो जिंदगी के सफ़र में अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए अलग अलग रास्तों को चुनते हैं।   ये कहानी है दो उन दोस्तों की, जो एक माध्यम वर्गीय परिवार यानी मिडिल क्लास फैमिली से वास्ता रखते है। दोनों को अपने अपने परिवार की  आर्थिक स्थिति का  अनुमान भली-भांति है।  कहानी  उन दो दोस्तों की है ,जिनमें से एक का नाम शेखर वह दूसरे का नाम बिनोद है। दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। दोनों का स्कूल जाना खाना पीना लगभग साथ में ही होता था।  दोनों में से शेखर समझदार व बिनोद कुछ चंचल था।शेखर हर बात को समझदारी से तथा बिनोद हर बात को लगभग मजाक में ही लेता था। फिर भी दोनों घनिष्ठ मित्र थे। वे हमेशा एक दूसरे के हित में ही सोचते थे और एक दूसरे का खयाल रखते थे।  दोनों को घर से जेब खर्च के रूप में मात्र कुछ ही रुपए मिलते थे, जिसका उपयोग शेखर अपनी आवश्यकता के लिए उन पैसों को बचा कर रखता जबकि बिनोद अपनी छोटी मोटी मौज-मस्ती