Yuvraj Singh Biography In Hindi

युवराज सिंह की जीवनी

क्रिकेट में जब भी बड़े और अविश्वसनीय रिकॉर्डों की बात होती है तो 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले चुनिंदा नामों में से युवराज सिंह की वह पारी हमेशा याद आती है। जब उन्होंने टी 20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज स्टूअर्ट ब्रॉड की 6 गेंदों में 6 छक्के मारकर एक शानदार पारी भारत के नाम कराई।

आज हम इन्हीं जीवनी लेकर आए हैं, तो नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट kahanistation पर और
आज हम बात करेंगे पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के बारे में , तो चलिए शुरु करते हैं :

 युवराज सिंह संक्षिप्त जीवन परिचय 

उपनाम : युवी;
जन्म  : 12 दिसंबर 1981  (चंडीगढ़) ;
पिता  : योगराज सिंह;
माता : शबनम सिंह ;
भाई : जोरावर सिंह ;
पेशा : क्रिकेटर ;
पत्नी : हेजल कीच ;
हाइट : 1.88मीटर ;
नेट वर्थ : 260 करोड़ ₹ (अनुमानित) ;


युवराज सिंह का शुरुआती जीवन

युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़, पंजाब में हुआ था। इनके पिता का नाम योगराज सिंह है और माता का नाम शबनम सिंह है ।
युवराज सिंह जीवनी Yuvraj Singh Biography In Hindi


युवराज के पिता भूतपूर्व क्रिकेट के खिलाड़ी थे और वे युवराज को भी एक क्रिकेट का खिलाड़ी बनाना चाहते थे ताकि युवराज बड़े होकर देश के लिए खेलें और अपने हुनर से देश का नाम ऊंचा करे।
बचपन में युवराज को क्रिकेट पसंद नहीं था बल्कि वे ज्यादातर टेनिस अथवा स्केटिंग करना पसंद करते थे।
युवी रॉलिंग स्केट्स में इतने अच्छे थे कि उन्होंने
इसमें राष्ट्रीय स्तर पर अंडर 14 में चैंपियनशिप भी जीती थी ।
लेकिन युवराज के पिता योगराज सिंह को यह बात अच्छी नहीं लगती थी , वे चाहते थे कि युवी केवल क्रिकेट पर ध्यान दें तभी वे एक अच्छे क्रिकेटर बन सकते हैं।

युवी की शुरुआती पढ़ाई D A V पब्लिक स्कूल से हुई। इस दौरान उनके पिता उन्हें क्रिकेट की ट्रेनिंग देते थे, वे युवराज को अपनी तरह एक तेज गति के गेंदबाज बनाना चाहते थे।

युवराज अभी महज 11 वर्ष के थे जब उन्हें इस कठिन ट्रेनिंग को करना पड़ता था , सुबह जल्दी उठना ग्राउंड में चक्कर लगाना और गेंद और बल्ले के साथ अपना समय बिताना ; यही उनकी दिनचर्या बन गई थी।

युवी के पिता ने उनकी प्रैक्टिस के लिए अपने घर के पीछे के गार्डन को एक मार्बल के पिच में बदल दिया , यहां पर वे युवी को बल्लेबाजी की ट्रेनिंग देते रहे।

उस समय शॉर्ट पिच गेंद और बाउंसर गेंद भारतीयों की कमजोरी थी, योगराज सिंह जी यह नहीं चाहते थे कि युवी की भी यही कमज़ोरी रहे , अतः वे उन्हें इसी प्रकार की गेंदों के खिलाफ प्रैक्टिस कराते थे।

इतनी छोटी उम्र में इतनी कड़ी मेहनत करने से युवराज को बहुत बार चोटें भी लगी लेकिन उन्होंने पिता के साथ अपनी ट्रेनिंग जारी रखी।

बाद में योगराज सिंह और उनकी पत्नी का तलाक़ हो गया और युवराज अब अपनी मां शबनम सिंह के साथ रहते थे।

कैरियर
युवी ने 1995 में केवल 11 वर्ष की उम्र में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। उन्होने अपना पहला मैच पंजाब की टीम से जम्मू एवं कश्मीर की टीम के खिलाफ की।
1996 में अंडर 19 में अपना पहला मैच खेला।

2000 तक युवराज ने रणजी ट्रॉफी और अंडर 19 क्रिकेट खेला , उनके अच्छे प्रदर्श के लिए उन्हें 2000 के अंडर 19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में चुना गया जहां उन्होंने बहुत अच्छे प्रदर्शन किए और मोहम्मद कैफ की 
कप्तानी में टूर्नामेंट को भी अपने नाम किया।

इस टूर्नामेंट में उनके लाजवाब पारियों को मद्देनजर रखते हुए उन्हें icc नॉक आउट ट्रॉफी के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित कर लिया गया।
 3 अक्टूबर 2000 को युवी ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय एदिवसीय मैच खेला। यह मैच केन्या के खिलाफ था जिसमें उन्होंने 4 ओवर गेंदबाजी की जिसमें उन्होंने 16 रन दिए लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।

अगला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टरफाइनल का था जिसमें 80 गेंदों का सामना करते हुए 84 रन बोर्ड पर लगाए और यह मैच टीम इंडिया 20 रनों से जीती। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ नॉकआउट ट्रॉफी के सेमीफाइनल में युवराज ने 41 रन बनाए और 15 रन देकर 1 विकेट भी लिया।

लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में वह केवल 14 रन बना पाए , और भारत वह मैच हार गया।

युवराज सिंह को भारत, श्रीलंका और जिम्बावे की त्रिकोणीय मुकाबले के लिए चुना गया । इस दौरे में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इस श्रृंखला में युवी ने 5 मैचों में महज 55 रन बनाए। और उनके खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टीम से बाहर रखा गया।

बाद में कोका काला कप 2001 के लिए उन्हें पुनः टीम में शामिल किया गया, जहां बल्ले से नहीं बल्कि गेंदबाजी में उन्होंने 27 की औसत से 8 विकेट लिए ; यह टूर्नामेंट भी कुछ खास नहीं रहा।

2002 नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच मे उन्होंने 324 रनों का पीछा करते हुए मोहम्मद कैफ के साथ एक शानदार पारी खेली और भारत को उस मैच में जीत हासिल हुई।

11 अप्रैल 2003 में युवराज ने बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए अपना पहला शतक लगाया जिसमें उन्होंने 85 गेंदों में 102 नाबाद रन बनाए।

2005 के इंडियन ऑयल कप में युवराज का प्रदर्शन देखने लायक था उन्होंने 4 पारियों में 192रन बनाए । इसी टूर्नामेंट में उन्होंने अपना तीसरा एकदिवीय अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाया जो कि वेस्ट इंडीज के खिलाफ था , इस मैच में उन्होंने 114 बॉल खेलकर 110 रन बनाए।

2007 में टी 20 वर्ल्ड कप जो कि साउथ अफ्रीका में खेला गया उसमें युवराज सिंह का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। 
इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में उन्होंने एंड्र्यू फ्लिंटॉफ के साथ विवाद होने पर स्टूअर्ट ब्रॉड की 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया , साथ ही इसी पारी में 12 बॉल में 50 रनों का रिकार्ड भी अपने नाम किया।
भारत ने यह विश्व कप महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में अपने नाम किया ।



2011 के odi विश्व कप के पहले ही उन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होती थी , लेकिन उनके भीतर देश के लिए खेलने का जज्बा था जिसने उन्हें प्लयेर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिलाया।

2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 28 वर्षों के एक लंबे अतंराल के बाद विश्व कप को अपने नाम किया। युवराज सिंह ने 4 महत्वपूर्ण मैचों में मैन ऑफ द मैच जीता।

इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह ने 362 रन बनाए जिसमें एक शतक और 4 अर्धशतक शामिल थे।

 युवराज को इस टूर्नामेंट के दौरान सांस लेने में दिक्कत और कभी कभी खून की उल्टियां तक होती थी , जब उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद चेकअप कराया तब पता चला कि युवराज के बाएं फेफड़े ( लंग ) में स्टेज वन कैंसर है। 
इलाज के लिए वे us के बोस्टन गए, जहां 1 वर्ष में तीन चरणों में कीमोथेरपी की सहायता से उनका ट्रीटमेंट हुआ और वे पूरी तरह से फिट हो गए।

युवराज सिंह के कैरियर आंकड़े :


फॉर्मेट ODI टेस्ट t-20
मैच 304 40 58
रन 8,701 1,900 1,177
औसत 36.55 33.92 28.02
अर्धशतक 52 11 8
शतक 14 03 00
सर्वाधिक रन 150 169 77*
विकेट 120 10 29
कैच 94 31 12


युवराज सिंह का ipl में प्रदर्शन

2008 से 2010 तक ipl में युवराज सिंह पंजाब की टीम से कप्तान के रूप में खेले, जहां उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रा।

IPL 2011 में युवराज पुणे वॉरियर्स की टीम से खेले और इस टूर्नामेंट में 14 मैचों में 324 रन बनाए।

2015 में दिल्ली की टीम से और 2016 में हैदराबाद की टीम से युवराज ने शानदार फार्म दिखाई।

युवराज सिंह के अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच :

Q 1.  युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट मैच कब खेला ?
Ans. युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट मैच 9 दिसंबर 2012 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला।

Q 2. युवराज सिंह ने अपना अंतिम odi मैच कब खेला ?
Ans. युवराज सिंह ने अपना अंतिम odi 30 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला।

Q 3 युवराज सिंह ने अपना अंतिम टी 20 मैच कब खेला ?
Ans. युवराज सिंह ने अपना अंतिम टी 20 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला।

Q 4. युवराज सिंह ने सन्यास कब लिया?
Ans. युवराज सिंह ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेटों से संन्यास की घोषणा की।



युवराज सिंह का वैवाहिक जीवन :

युवराज सिंह ने 12 नवम्बर 2015 को अभिनेत्री हेजल कीच के साथ सगाई की और 30 नवंबर 2016 को उनकी शादी हुई।
 

युवराज सिंह के पुरस्कार ( अवॉर्ड्स ) :

CNN-IBN इंडियन ऑफ द ईयर स्पेशल अचीवमेंट (2011) ;
अर्जुन अवॉर्ड (2012);
पद्म श्री ( 2014 ) ;

 

युवराज सिंह के रिकार्ड्स और उपलब्धियां :

  1. 2007 के t20 विश्व कप में 6 बॉलो पर 6 छक्के लगाए।
  2. इसी पारी में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए  मात्र 12 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
  3. 2014 में इन्हें मोस्ट इंस्पिरेशनल प्लयेर ऑफ़ द इयर के तौर पर FICCI पुरस्कार से नवाजा गया।

Facts About Yuvraj Singh In Hindi

  • बचपन में युवराज सिंह को क्रिकेट से अधिक रोलर स्केटिंग पसंद था, वे इसमें इतने माहिर थे कि उन्होंने रोलर स्केटिंग में कई ट्रॉफियां और चैंपियनशिप जीती थी। उन्होंने नेशनल लेवल पर अंडर 14 में गोल्ड मेडल भी जीता लेकिन पिता योगराज सिंह के प्रोत्साहन पर युवी ने क्रिकेट को अधिक महत्ता दी।

  • युवराज के पिता ही उनके सबसे पहले कोच थे। उन्होंने घर के गार्डन में ही एक पिच तैयार की और वहीं पर युवराज को प्रेक्टिस करवाई।

  • योगराज सिंह ने एक बार नवजोत सिंह सिद्धू (पूर्व भारतीय क्रिकेटर ) से जब युवराज की ट्रेनिंग की बात की तो प्रेक्टिस के समय युवराज एक फुल टॉस बॉल पर बोल्ड हो गए थे।

  • युवराज सिंह के पिता का क्रिकेट करियर खत्म होने के बाद उन्होंने पंजाबी फिल्मों में काम करना शुरू किया। युवराज सिंह ने भी एक पंजाबी फिल्म " मेहंदी शगना दी " में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया। 

  • अपनी कैंसर के खिलाफ लड़ाई को जीतने के बाद युवी ने सन् 2012 कैंसर से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए एक संस्थान "YouWeCan" की स्थापना की।

  • युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श माना । कई बार मैच के दौरान युवराज सिंह सचिन के पैर छूते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। 

  • सन् 2013 में युवराज सिंह ने "The Test of My Life" : From Cricket To Cancer & Back नाम से अपनी आत्मकथा लिखी और प्रकाशित करी।

  • भारतीय सरकार द्वारा सन् 2014 में युवराज सिंह को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

  • अपनी आत्मकथा में युवराज सिंह लिखते हैं कि वर्ल्ड कप 2011 के दौरान मुझे सांस लेने में दिक्कत होती थी , खून की उल्टियां होती थी, और नींद नहीं आती थी जिस कारण उन्हें कई बाटी नींद की गोलियां खाना पड़ती थी ताकि वे मैच मे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

  • युवराज सिंह का जर्सी नंबर 12 है जिसे युवी अपना लकी नंबर मानते हैं यह इसलिए क्योंकि इनका जन्म भी 12 तारीख (12 दिसंबर 1981) को हुआ था।

  • 2007 में 6 गेंदों पर 6 छक्कों का किस्सा
जब धोनी और युवराज बल्लेबाजी कर रहे थे तब इंग्लैंड के कप्तान फ्लिंटॉफ युवराज को भला बुरा कहने लगे , उस समय अंपायरों ने विवाद को शांत कर दिया लेकिन जब अगले ओवर में तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड गेंदबाजी करने आए तो युवराज ने 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाकर करारा जवाब दिया।

  • इसी मैच में मात्र 12 गेंदों में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड भी युवराज ने अपने नाम कर लिया।

  • 2019 में जब युवराज ने संन्यास की घोषणा की तब उन्होने बताया था कि मैं 2019 का आईपीएल फाइनल खेलना चाहता था लेकिन किसी को सब कुछ नहीं मिल सकता और अब मैंने निर्णय ले लिया है कि 2019 का ipl मेरा आखिरी ipl टूर्नामेंट होगा।

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