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Showing posts from January, 2021

अरिजीत सिंह की जीवनी Arijit Singh Biography In Hindi

 अरिजीत सिंह की जीवनी   Arijit Singh Biography In Hindi अरिजीत सिंह की संक्षिप्त जीवनी : जन्म - 25 अप्रैल 1987 ; स्थान - मुर्शिदाबाद ( पश्चिम बंगाल); पिता -  नाम ज्ञात नहीं ( व्यवसाय -LIC में कार्यरत); माता - गायिका एवं गृहणी  ;   बहन - अमृता सिंह ; अरिजीत सिंह  अरिजीत सिंह का प्रारंभिक जीवन : अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को मुर्शिदाबाद ( पश्चिम बंगाल) के जिआगंज में हुआ था। इनके पिता पंजाब और माता बंगाल से हैं।अरिजीत के पिता LIC में कार्यरत थे।अरिजीत का संगीत से नाता उनके ननिहाल से शुरू हुआ।उनकी नानी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखा था , उनकी मौसी और माता भी गायन में अच्छी थी , साथ ही अरिजीत के मामा भी तबला वादक थे। अपने ननिहाल से ही अरिजीत को संगीत की प्रेरणा मिली और यही प्रेरणा उन्हें संगीत की ओर खींचती चली गई। अरिजीत ने स्कूली पढ़ाई की शुरुआत जिआगंज राजा बिजोय सिंह हाई स्कूल से की और श्रीपत सिंह कॉलेज में दाखिला लिया।पढ़ाई में अरिजीत काफी अच्छे छात्र थे। संगीत की शिक्षा : अरिजीत की संगीत के प्रति लगाव को देखते हुए परिवार वालों ने इन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा के लिए रा

स्वामी विवेकानंद की जीवनी Biography Of Swami Vivekananda In Hindi

 उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको ! यह कथन था स्वामी विवेकानंद जी का। स्वामी विवेकानन्द ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत देश की सभ्यता एवं संस्कृति को विश्व के सम्मुख एक नई पहचान दिलाने में बिता दिया। उन्होंने जीवन भर सनातन धर्म की सेवा की और अपने सभी शिष्यों को भी यही सीख दी। स्वामी विवेकानंद का संक्षिप्त जीवन परिचय - मूल नाम - नरेंद्र अथवा नरेन ; जन्म - 12 जनवरी 1863 ; जन्म स्थान - कलकत्ता (प. बंगाल); पिता - विश्वनाथ दत्त ; माता - भुवनेश्वरी देवी ; शिक्षा - बी. ए. ; भाई - बहन - नौ (9) ; पत्नी - अविवाहित रहे ; संदेश - उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत ! ; स्वामी विवेकानन्द का आरंभिक जीवन : स्वामी विवेकानन्द जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त था, जो कि एक वकील थे ।इनकी माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था, वह गृहणी थीं। स्वामी विवेकानंद जी का नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। नरेंद्र की माता भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थीं जबकि इनके पिता पश्चिमी विचारधारा के समर्थक थे। बचपन से ही नरेंद्र कुशाग्र बुद्धि के थे साथ ही वे बड़े शरारती भी थे, उनकी मात

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी Dr Sarvpalli Radhakrishnan Biography In Hindi

 डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी  नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट KahaniStation पर और आज हम लाए हैं भारत के सबसे पहले उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जीवनी ; संक्षिप्त जीवन परिचय : जन्म - 5 सितम्बर 1888 , स्थान - तिरुतिन गांव , पिता - सर्वपल्ली वीरास्वामी, माता - सीताम्मा, 4 भाई और 1 बहन,  व्यवसाय -  शिक्षक , भारत रत्न 1954 में, मृत्यु -  17 अप्रैल 1975 , डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का प्रारंभिक जीवन :  सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 को मद्रास के तिरुतिन गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता सर्वपल्ली वीरास्वामी एक विद्वान ब्राह्मण थे और राजस्व विभाग में कार्यरत थे।  इनकी माता का नाम सीताम्मा था जो कि एक गृहणी थी। राधाकृष्णन जी के 4 भाई और 1 बहन थी। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी , और सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक अच्छे छात्र थे इस कारण इनकी पढ़ाई का अधिकांश भाग छात्रवृति के सहारे था। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की शिक्षा : अपनी शुरुआती पढ़ाई इन्होंने अपने ही गांव के स्कूल से की , सेकेंडरी शिक्षा के लिए इनके पिता ने क्रिश्चियन मिशनरी स

New Year Poem 2021

मां और बेटे की छोटी अनोखी दुनिया New Year Poem 2021  नमस्कार मित्रों ! कैसे हैं आप सभी !! आप सभी को नवीन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ! पिछला वर्ष ( 2020) यकीनन मानव सभ्यता के लिए कुछ खास नहीं बीता लेकिन हम सौभाग्यशाली हैं कि हमने इस चुनौती भरे वर्ष को बीता लिया।  नए साल के आगमन पर हम पूरे उत्साह से उसका स्वागत करते हैं , लेकिन एक गरीब बेटा जिसका एकमात्र सहारा उसकी मां ही है , उसके लिए नए साल का मंजर कैसा होता है! एक बच्चे के मन में नए साल के उत्सव की जिज्ञासा को उसकी मां किस प्रकार शांत करती है , पढ़िए इस खूबसूरत कविता में , वो रस्तों पर भटकता है, भीख से अपना पेट भरता है। एक माँ है उसके पास बस, बाकी न कोई और उसका है न है उसका अपना घर, वह सोता है कभी पुलिया के नीचे तो कभी फुटपाथ पर !! वो कहता भगवान क्या ज़िन्दगी है ये, लोग तो गा रहे ख़ुशी के गाने; और हम..! हम ढूंढते फिर रहे इस जिंदगी को  जीने के बहाने..... !! बस यही है उसकी दुनिया... आज रात वो भूखा ही सोया , अचानक पटाखों की आवाज सुनके नींद उसकी टूटी और , दौड़ा माँ के पास आया।। बोला क्या हुआ माँ?क्या बात है? क्यों अचानक ये शोर बढ़ गय