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Sundar Pichai Biography In Hindi सुंदर पिचाई की जीवनी

 सुंदर पिचाई की जीवनी 

(Sundar Pichai Biography In Hindi)

सुंदर पिचाई संक्षिप्त जीवन परिचय :

नाम - सुंदर पिचाई ;
जन्म तिथि - 12 जुलाई 1972 ;
जन्म स्थान -मदुरई (तमिलनाडु) ;
पिता - रघुनाथ पिचाई ;
माता - लक्ष्मी पिचाई ;
भाई - श्रीनिवासन पिचाई ;
शिक्षा - बी टेक, एम एस और एम बी ए ;
पेशा - इंजीनियर CEO Google & Alphabet ;
पुत्री - काव्या पिचाई;
पुत्र - किरन पिचाई ;

सुंदर पिचाई का प्रारंभिक जीवन :

Sundar Pichai Biography In Hindi




सुंदर पिचाई का जन्म 12 जुलाई 1972 को मदुरई (तमिलनाडु) में हुआ था। इनके पिता का नाम रघुनाथ पिचाई है जोकि एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। सुंदर की माता का नाम  लक्ष्मी पिचाई है , उनकी माता एक स्टेनोग्राफर थीं।सुंदर के एक छोटे भाई हैं जिनका नाम श्रीनिवासन पिचाई है।

सुन्दर पिचाई की शिक्षा : 

सुंदर पिचाई की शुरुआती शिक्षा जवाहर स्कूल, अशोक नगर, चेन्नई से पूरी की; सुंदर ने कक्षा 10 तक की पढ़ाई इसी विद्यालय से की और 12th की पढ़ाई के लिए वीना वाणी स्कूल, चेन्नई गए।

ग्रेजुएशन के लिए सुंदर iit, खड़गपुर गए जहां से उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बी टेक किया।

उसके बाद स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया से भौतिक विज्ञान में एम एस (मास्टर इन साइंस) और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल से एम बी ए किया।

एम एस की डिग्री लेने के बाद उन्होंने पीएचडी करने का निश्चय किया था लेकिन उन्होंने यह योजना बाद में बदल कर दी, और 1995 में अप्लायड मैटेरियल्स में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर कार्य किया,

2002 में एम बी ए करने के बाद पिचाई ने मैकिंसे एंड कंपनी में मैनेजिंग कंसल्टेंट के रूप में काम किया।

सुन्दर पिचाई का गूगल के CEO बनने का सफर :

2004 में सुंदर ने गूगल कम्पनी ज्वॉइन की।

गूगल में सुंदर पिचाई का पहला प्रोजेक्ट गूगल टूलबार का था, इसी दौरान उन्होंने गूगल के खुद के ब्राउज़र को लॉन्च करने का प्रस्ताव भी रखा, सुंदर ने यह बात रखी थी कि हो सकता है कि माइक्रोसॉफ्ट अपना खुद का सर्च इंजन लॉन्च कर दे ,लेकिन तत्कालीन सी ई ओ ने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि इंटरनेट एक्सप्लोरर पहले से मार्केट में बहुत अच्छा वेब ब्राउज़र है।

2008 के समय माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल की जगह बिंग को सर्च इंजन के रूप में रख लिया, और इससे गूगल ने अपने 300 मिलियन ग्राहक को दिए, लेकिन उसी समय गूगल टूलबार के लॉन्च होने से गूगल को 80% ग्राहक वापस लाने में मदद मिल गई, गूगल टूलबार के आने से यूजर सर्च इंजन के रूप में गूगल को दुबारा सेट कर सकते थे।

अब गूगल को अपना ब्राउज़र लॉन्च करना पड़ा , और इसका नाम दिया गया गूगल क्रोम 2008 में और कुछ ही समय में यह ब्राउज़र दुनिया का सबसे अधिक लोकप्रिय ब्राउज़र बन गया। 

2008 में ही सुंदर को गूगल ने वाइस प्रेसिडेंट f प्रोडक्ट डेवलपमेंट के पद पर नियुक्त कर लिया।

2012 में सुंदर की लगन और निष्ठा को देखते हुए गूगल ने इन्हे सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ क्रोम एंड ऐप्स के पद पर प्रोमोट कर लिया।

अगले वर्ष 2013 में सुंदर पिचाई को एंड्रायड के प्रोजेक्ट को लीड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, एंड्रायड 1 के लॉन्च के साथ गूगल में सुंदर ने अपना एक और प्रोजेक्ट कामयाब कर लिया।

2014 में पिचाई को गूगल में हेड ऑफ प्रोडक्ट्स का पद मिला। इसी वर्ष सुंदर पिचाई को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों से आमंत्रण मिला, जिसमें ट्विटर और माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल थे, दोनों ही कंपनियों ने सुंदर को CEO के पद के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन सुंदर ने गूगल के साथ ही काम करने का निश्चय किया।

अगले वर्ष 10 अगस्त 2015 को गूगल ने सुंदर पिचाई को अपना CEO चुना।

3 दिसंबर 2019 को पिचाई गूगल की परेंट कंपनी Alphabet के भी CEO चुने गए।

सुन्दर पिचाई का निजी जीवन : 

सुंदर जब आईआईटी खड़गपुर में मेटालर्जिकल इंजीनिरिंग की पढ़ाई कर रहे थे , उस समय उनकी मुलाकात अंजली से हुई जो कि उनकी बैचमेट थीं, यहीं से इनके प्रेम का किस्सा शुरू हुआ और बाद में सुंदर ने अंजली से शादी कर ली।

इनके एक बेटा और एक बेटी है जिनका नाम किरन पिचाई और काव्या पिचाई हैं।


सुंदर पिचाई के बारे में रोचक तथ्य :

( Facts About Sundar Pichai In Hindi )

  •  जब पिचाई 12 वर्ष के थे उस समय उनके पिता एक लैंडलाइन फोन लेकर आए थे , यह फोन उनके घर का पहला इलेक्ट्रॉनिक उपकरण था।

  •  सुंदर पिचाई की बुद्धिमत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब सुंदर के घर में लैंडलाइन फोन आया था , उस समय उन्हें हर एक फोन नंबर याद रहता था , और आज भी उन्हें उनमें से कई नंबर याद हैं।

  • सुंदर को क्रिकेट और बैडमिंटन का भी बहुत शौक है, अपने एक इंटरवयू में उन्होंने बताया था कि उन्हें अपने खाली समय में क्रिकेट देखना बहुत पसंद है।

  • पिचाई बताते हैं कि IIT खड़गपुर में उन्हें अंजली से मिलने के लिए Girls Hostel जाना पड़ता था , और जब वह वहां पहुंचते थे तो अंजली की दोस्त उन्हें बुलाते हुए कहती थीं कि  सुंदर आया है।

  • 2014 में जब ट्विटर ने सुंदर पिचाई को जॉब ऑफर की तो गूगल ने उन्हें एक काफी अच्छे पैकेज के साथ रोक लिया।
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