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Showing posts from June, 2021

Virat Kohli Biography In Hindi । विराट कोहली की जीवनी

 विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट कोहली को रन मशीन के नाम से जाना जाता है। विराट दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं। अपनी बल्लेबाजी के अतिरिक्त विराट कोहली मैदान में फील्डिंग के लिए भी जाने जाते हैं। नाम : विराट कोहली ; पिता : प्रेम कोहली ; माता : सरोज कोहली ; भाई : विकास कोहली ; बहन : भावना कोहली ; पत्नी : अनुष्का शर्मा ; पुत्री : वामिका कोहली ; व्यवसाय : क्रिकेटर ( दाएं हाथ के बल्लेबाज) ; विराट कोहली का शुरूआती जीवन : विराट कोहली का जन्म 5 नवम्बर 1988 को दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम प्रेम कोहली था जो कि पेशे से एक वकील थे। उनकी माता का नाम सरोज कोहली है। विराट के एक भाई और एक बहन हैं जिनका नाम विकास कोहली और भावना कोहली हैं। विराट के पिता को भी क्रिकेट का बहुत शौक था। जब वे 3 वर्ष के थे तब से ही विराट ने क्रिकेट में रुचि दिखानी शुरू कर दी। और धीरे धीरे उनकी रुचि और बढ़ती गई। बचपन में विराट अपने पड़ोसी बच्चों के साथ खेला करते थे। मोहल्ले में विराट के बराबर का कोई खिलाड़ी नहीं था। विराट के पिता ने दिल्ली क्र

भगत सिंह की जीवनी Bhagat Singh Biography In Hindi

 भारत देश को ब्रिटिश शासन से आजादी दिलाने में जहां एक ओर अहिंसावादी महात्मा गांधी जैसे नेता थे वहीं दूसरी ओर ऐसे क्रांतिकारी भी थे जिन्होंने अपने लहू की एक एक बूंद देश को आजाद कराने के लिए समर्पित कर दी। भगत सिंह ऐसे ही क्रांतिकारी थे। उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश को आजाद कराने के लिए फांसी के फंदे को स्वीकार कर लिया। युवा वर्ग के लिए एक अद्वितीय प्रेरणा के स्रोत हैं भगत सिंह। भगत सिंह ने अपने अल्प जीवन काल में बड़े बड़े कारनामे कर दिखाए और भारत को स्वतंत्र कराने के लिए मुख्य युवाओं को जागरूक किया। भगत सिंह का शुरूआती जीवन : भगत सिंह का जन्म पंजाब में स्थित लायलपुर जिले के बंगा नमक गांव(वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती था। भगत सिंह अपने चाचा से बहुत प्रभावित हुए थे, भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह और स्वर्ण सिंह ग़दर पार्टी के सदस्य थे इस पार्टी का उद्देश्य भारत को अंग्रेजो के शासन से मुक्त करना था। भगत सिंह के पिता भी इस पार्टी के सदस्य थे, और बचपन से ही भगत सिंह देशप्रेम की भावना से भर गए थे। ब्रिटिश शासन के प्रति घृणा : भग