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عرض المشاركات من أغسطس, ٢٠٢١

पंडित जवाहर लाल नेहरु की जीवनी Jawahar Lal Nehru Biography in Hindi

  पंडित जवाहर लाल नहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री और प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे ।  पंडित जवाहर लाल नेहरु को  आधुनिक भारतीय राष्ट्र-राज्य – एक सम्प्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, और लोकतान्त्रिक गणतन्त्र  के वास्तुकार माना जाता  हैं। पंडित नेहरू को एक कुशल लेखक के रूप में जाना जाता है । नेहरू जी को बच्चों से बहुत लगाव था । बच्चे इन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे । पंडित नेहरु के जन्मदिवस (14 नवम्बर)  बाल-दिवस के रूप में मनाया जाता है । पंडित नेहरु का आरंभिक जीवन : पंडित जवाहर लाल नेहरु का जन्म  14 नवंबर 1889 इलाहबाद, में हुआ था ।इनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरु था ,और माता का नाम स्वरूपरानी देवी था । पंडित नेहरु तीन भाई बहनों में सबसे बड़े थे , इनकी दो छोटी बहनें (विजया लक्ष्मी और कृष्णा  हठीसिंग ) थी । पंडित जवाहर लाल नेहरू एक संपन्न परिवार से आते थे, अतः इनकी शिक्षा भी आचे विद्यालयों और कॉलेजों से हुई । प्रारंभिक शिक्षा के लिए पंडित नेहरू लन्दन स्थित हैरो स्कूल गए,  तथा कॉलेज की पढाई के लिए  ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन गए । पंडित जवाहर लाल नेहरु ने अपनी वकालत की डिग्री  कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय  स

चंद्रशेखर आजाद की जीवनी Chandrashekhar Azad Biography in Hindi

चंद्रशेखर आज़ाद का शुरुआती जीवन : चंद्रशेखर आजाद का जन्म  23 जुलाई 1906 को भाबरा, मध्य प्रदेश में हुआ था ।  इनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी था ।  इनकी माता का नाम जगरानी देवी था ।  मूल रूप से आजाद के पूर्वज उन्नाव उत्तरप्रदेश से थे लेकिन बाद में वे मध्यप्रदेश के भवरा नमक स्थान पर आ गए  ।   चंद्रशेखर को बचपन से ही अंग्रेजी हुकूमत से नफरत करते थे और चाहते थे की भारत देश को जल्द से जल्द अंग्रेजी हुकूमत से आज़ादी मिले ।   ब्राह्मण परिवार से होने के कारण उनकी माता जगरानी देवी चाहती थी कि चंद्रशेखर काशी(वाराणसी) जाकर संस्कृत की पढाई करे, लेकिन चंद्रशेखर को यह स्वीकार न था ।   13 अप्रैल 1919 को जलियावाला बाग हत्याकांड हुआ , जिसने पूरे देश में ब्रिटिश शासन के प्रति भारतीयों में विरोध और नफरत का भाव पैदा किया ।  चंद्रशेखर उस समय  महज 13 वर्ष के थे , जलियावाला बाग हत्याकांड का चंद्रशेखर के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा । 1921 में चंद्रशेखर ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन में भाग लिया, इस दौरान उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया गया, जब चंद्रशेखर को मजिस्ट्रेट के सामने लाया गया , औ